गुरुवार, 7 फ़रवरी 2008

केसरिया बालम पधारो नि म्हारे देश..

बीकानेर का लाडला गायक और टीवी शो सरेगामापा से ख्याति के शिखर पर पहुंचे राजा हसन जनवरी में सिलीगुडी आया.राजा से मिलने मैं होटल गया.लगा इतना बड़ा गायक हो गया है कई तरह के नखरे होंगे.पर राजा होटल में अपने कमरे के बाहर खड़ा था.बडे गरमजोशी से मिल.पूछा कहाँ के रहने वाले है आप.बस इसके बाद तुरंत दोस्ती.शो के बाद दूसरे दिन कुछ बच्चों का राजा से मिलने का प्रोग्राम था.राजा सो रह था.में होटल .गया.राजा से बात कि.राजा तुरंत राजी हो गया.बिना नहाये बाहर आ गया.तुरंत मिला.निचे फर्श पर बच्चों के साथ बैठ गया.उनसे तोतली भासा में बात कि.फोटो खिचवाया.बाद में राजा ने काफी बड़ी बात कही जो मेरे दिल को छु गयी.राजा ने कहा कि बच्चो से मिल कर देश दुनिया भूल जाता .बिना जीवन रंगहीन है.राजा के अनुसार संगीत तो सभी के लिए है .इसके बाद राजा ने राजस्थान का मशहूर गीत केसरिया बालम पधारो नि म्हारे देश गाया.गजब नित्हस है राजा कि आवाज में.आज तक उसका वह गीत गूंजता रहता है.

2 टिप्‍पणियां:

आशीष ने कहा…

राजा से मिलवाकर अच्‍छा किया, फोटो की कमी खल रही बस

Murari Pareek ने कहा…

जिस वृक्ष पर जितने ज्यादा फल लदे हों वो वृक्ष उतना ही जमीं की और झुका रहता है!!खजूर के पेड़ पे चंद खजूर पर अकड़ ऐसी की कोई खाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती हैं !! मनुष्य जितना गुणवान होगा उतना ही शील और शांत होगा !!